Ancestral Property New Rule 2026 : पुश्तैनी संपत्ति के बंटवारे के नए नियम, जानिए क्या है पुश्तैनी संपत्ति के बंटवारे के नए नियम
मान लीजिए परिवार में पिता और दो बच्चे हैं, तो प्रॉपर्टी तीन बराबर हिस्सों में बंट जाएगी । अगर बच्चों में बेटा और बेटी दोनों हैं, तो दोनों को बराबर हिस्सा मिलेगा । शादीशुदा या अविवाहित होने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता ।

Ancestral Property New Rule 2026 : भारत में पुश्तैनी प्रॉपर्टी सबसे विवादित और कन्फ्यूजिंग मुद्दा है । अक्सर लोगों को यह नहीं पता होता कि उन्हें इस प्रॉपर्टी में कब, कितना और कैसे हक मिलता है ।
Ancestral Property New Rule 2026 : पुश्तैनी संपत्ति के बंटवारे के नए नियम, जानिए क्या है पुश्तैनी संपत्ति के बंटवारे के नए नियम
2025 में लागू होने वाले कानूनों और नए कोर्ट के फैसलों के साथ, पुश्तैनी प्रॉपर्टी के हक पहले से कहीं ज़्यादा साफ और मजबूत हैं । इस आर्टिकल में हम आसान हिंदी-इंग्लिश मिक्स में समझेंगे कि पुश्तैनी प्रॉपर्टी क्या है, इसमें किसी को कितना हक मिलता है और अपना हिस्सा पाने का सही कानूनी तरीका क्या है ।
पुश्तैनी प्रॉपर्टी क्या है Ancestral Property New Rule 2026
पुश्तैनी प्रॉपर्टी वह प्रॉपर्टी है जो चार पीढ़ियों से बिना किसी बंटवारे के चली आ रही है । दूसरे शब्दों में, प्रॉपर्टी अपने आप परदादा, परदादा, पिता और बच्चों को ट्रांसफर हो जाती है । अगर कोई प्रॉपर्टी पिता ने खुद खरीदी है, तो उसे सेल्फ-अक्वायर्ड प्रॉपर्टी माना जाता है, पुश्तैनी प्रॉपर्टी नहीं। इस अंतर को समझना बहुत ज़रूरी है क्योंकि पुश्तैनी प्रॉपर्टी में अधिकार जन्म से ही मिलते हैं ।
पुश्तैनी प्रॉपर्टी में किसका हक है Ancestral Property New Rule 2026
हिंदू सक्सेशन एक्ट के अनुसार, अब बेटे और बेटियों दोनों को बराबर हक है । 2005 के अमेंडमेंट और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के फैसलों के बाद यह साफ हो गया है कि बेटी का हक जन्म से ही होता है, चाहे पिता जिंदा हों या नहीं । बेटे, बेटियां, पत्नी और मां सभी को कानूनी वारिस माना जाता है, लेकिन हिस्सा तभी मिलता है जब प्रॉपर्टी पुश्तैनी हो ।
2025 तक आने वाले पैतृक प्रॉपर्टी राइट्स के नए नियम Ancestral Property New Rule 2026
कोर्ट ने कई मामलों में यह साफ़ कर दिया है कि अगर प्रॉपर्टी का कभी बंटवारा नहीं हुआ है, तो हर कोपार्सनर को बराबर हिस्सा मिलेगा । कोपार्सनर में बेटे और बेटियां दोनों शामिल हैं । अगर पिता ने बिना सहमति के पैतृक प्रॉपर्टी बेच दी है, तो बच्चे इसे कोर्ट में चैलेंज कर सकते हैं । यह नियम लोगों के अधिकारों को मज़बूत करता है ।
विरासत में मिली प्रॉपर्टी में हिस्सा कैसे तय होता है? Ancestral Property New Rule 2026
मान लीजिए परिवार में पिता और दो बच्चे हैं, तो प्रॉपर्टी तीन बराबर हिस्सों में बंट जाएगी । अगर बच्चों में बेटा और बेटी दोनों हैं, तो दोनों को बराबर हिस्सा मिलेगा । शादीशुदा या अविवाहित होने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता । यह नियम आजकल सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले सवालों में से एक है ।
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पुश्तैनी प्रॉपर्टी में हिस्सा लेने का कानूनी प्रोसेस Ancestral Property New Rule 2026
सबसे पहले, यह साबित करना ज़रूरी है कि प्रॉपर्टी पुश्तैनी है । इसके लिए पुराने रेवेन्यू रिकॉर्ड, खसरा-खतौनी, रजिस्ट्री या खानदानी कागज़ात चाहिए होते हैं । उसके बाद, परिवार के सदस्यों के बीच आपसी सहमति से पार्टीशन डीड बनाई जा सकती है । अगर सहमति नहीं बनती है, तो सिविल कोर्ट में पार्टीशन सूट फाइल किया जाता है । कोर्ट कागज़ात की जांच करता है और सभी को उनका कानूनी हिस्सा देता है ।
क्या पिता अकेले पुश्तैनी प्रॉपर्टी बेच सकते हैं? Ancestral Property New Rule 2026
यह एक बहुत ही आम सवाल है । कानून के मुताबिक, पिता अपनी मर्ज़ी से पूरी पुश्तैनी प्रॉपर्टी नहीं बेच सकते । अगर फैमिली की ज़रूरत के लिए बिक्री नहीं की जाती है, तो बच्चे उस सेल डीड को कैंसल करवाने के लिए कोर्ट जा सकते हैं । 2025 में, यह नियम और भी सख्ती से लागू किया जा रहा है ।
पुश्तैनी प्रॉपर्टी में महिलाओं के अधिकार Ancestral Property New Rule 2026
आज, बेटियों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं । शादी के बाद भी बेटी पुश्तैनी प्रॉपर्टी में बराबर की हिस्सेदार रहती है । कोई भी परिवार सिर्फ़ शादी के आधार पर उसे अधिकारों से वंचित नहीं कर सकता । इस बदलाव को समाज के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है ।
पुश्तैनी प्रॉपर्टी से जुड़े आम झगड़े और उनके हल Ancestral Property New Rule 2026
अक्सर झगड़े बंटवारे में देरी, डॉक्यूमेंटेशन की कमी और गलत जानकारी की वजह से होते हैं । सही कानूनी सलाह, समय पर डॉक्यूमेंटेशन और आपसी बातचीत से कई झगड़े बिना कोर्ट जाए सुलझाए जा सकते हैं । लेकिन अगर मामला उलझा हुआ है, तो कोर्ट का रास्ता सबसे सुरक्षित माना जाता है ।




































