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Haryana News : हरियाणा में ग्राम पंचायतों के लिए Good News, ग्राम पंचायतों की बिना सहमति के नहीं मिलेगा रास्ता

नई पॉलिसी के अनुसार, पंचायत की ज़मीन से गुज़रने वाले किसी भी प्राइवेट प्रोजेक्ट को ग्राम पंचायत के कम से कम तीन-चौथाई सदस्यों की मंज़ूरी लेनी होगी ।

Haryana News : हरियाणा सरकार ने ग्राम पंचायतों समेत ज़मीन के इस्तेमाल को लेकर एक ज़रूरी और सख्त कदम उठाया है । नए सिस्टम के तहत, अब पंचायत की ज़मीन से किसी भी प्राइवेट प्रोजेक्ट के लिए आम सहमति ज़रूरी होगी । इसका मकसद पंचायत की ज़मीन से जुड़े फ़ैसलों में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना और गांव वालों की भागीदारी पक्का करना है ।

Haryana News : हरियाणा में ग्राम पंचायतों के लिए Good News, ग्राम पंचायतों की बिना सहमति के नहीं मिलेगा रास्ता

नई पॉलिसी के अनुसार, पंचायत की ज़मीन से गुज़रने वाले किसी भी प्राइवेट प्रोजेक्ट को ग्राम पंचायत के कम से कम तीन-चौथाई सदस्यों की मंज़ूरी लेनी होगी । ग्राम सभा के दो-तिहाई सदस्यों की मंज़ूरी भी ज़रूरी होगी । दूसरे शब्दों में, ऐसे फ़ैसले अब कुछ लोगों के बजाय पूरे गाँव की मंज़ूरी से लिए जाएँगे ।

सरकार ने यह भी साफ़ कर दिया है कि पंचायत की ज़मीन को रास्ता देने के नाम पर किसी को बेचा या लीज़ या लोन पर नहीं दिया जाएगा । ज़मीन का मालिकाना हक पूरी तरह से पंचायत के पास रहेगा । इससे यह पक्का होगा कि पंचायत की प्रॉपर्टी पर किसी प्राइवेट एंटिटी का परमानेंट मालिकाना हक न हो ।

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इस पॉलिसी के तहत कुछ जगहों पर ज़मीन बदलने के प्रस्ताव भी आ रहे हैं । उदाहरण के लिए, पानीपत ज़िले के सनौली खुर्द गांव की पंचायत ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाने के लिए अपनी ज़मीन के बदले ज़्यादा ज़मीन लेने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है ।

प्रस्ताव में पंचायत अपनी 9 कनाल 3 मरला ज़मीन के बदले कंपनी की करीब 15 कनाल ज़मीन लेने को तैयार है, जिसकी अनुमानित मार्केट वैल्यू करोड़ों में है । सरकार इस बात पर भी ज़ोर दे रही है कि पंचायत की ज़मीन से दी जाने वाली सड़कें सिर्फ़ प्राइवेट प्रोजेक्ट तक ही सीमित न रहें, बल्कि आम गांववालों के इस्तेमाल के लिए भी खुली रहें । इससे गांववालों को भी सुविधाओं का फ़ायदा मिल सकेगा ।

इस फ़ैसले का बहुत बड़ा असर हो सकता है । पंचायत की ज़मीन के इस्तेमाल में ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी, प्राइवेट प्रोजेक्ट्स पर ग्राम सभा की निगरानी मज़बूत होगी और किसी भी फ़ैसले में गांव वालों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी ।

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